RO का पानी मीठा क्यों लगता है?। आप RO फिल्टर खरीदने की सोच रहे हैं? - Life At Exp

New Articles

Thursday, July 30, 2020

RO का पानी मीठा क्यों लगता है?। आप RO फिल्टर खरीदने की सोच रहे हैं?

RO, TDS, RO- Reverse Osmosis

क्या या आप RO फिल्टर खरीदने की सोच रहे हैं?

 भैया पहले यह आर्टिकल पढ़ लो तो कुछ ही समय पहले न्यूज़ पेपर में एक खबर आई थी, के WHO ने वार्निंग दी है के भैया, RO का पानी आपकी सेहत खराब कर सकता है। अरे! क्या सही है यह बात?

जानिए-सर्दी और गर्मी के मौसम में पसीना आना। हमारे शरीर पर पसीना क्यो आता हैं?

 क्या सही है यह बात?

RO- Reverse Osmosis एक तरीका है पानी को फिल्टर करने का पानी में मौजूद कीटाणुओं और गंदगी को साफ करने का और पीने के पानी को साफ करने के लिए RO फिल्टर आजकल घर-घर में इस्तेमाल हो रहे हैं। RO फिल्टर से पानी पीने वाले लोगों को कहीं और का पानी नहीं जमता क्योंकि RO से निकलने वाला यह पानी, काफी मीठा और टेस्टी लगता है। लेकिन सवाल यह है कि इस मीठे पानी से हमें क्या नुकसान हो सकता है?

आरो के पानी से हमारे शरीर को क्या हानि हो सकती है?
पानी में मौजूद गंदगी को निकालने के साथ-साथ यह RO, पानी में मौजूद मिनरल जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक हैं। को भी निकाल देता है, इससे फिल्टर होकर पानी इतना साफ हो जाता है, इसमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम जैसे कई सारी जरूरी मिनरल्स साफ हो जाते हैं।

RO का पानी मीठा क्यों लगता है?

और यही एक कारण है कि RO का पानी हमें मीठा लगता है। आपने कभी TDS मीटर का नाम सुना है? पानी में मौजूद मिनरल और बाकी सॉलिड्स को एक TDS मीटर से नापा जाता है। TDS- Total Dissolved Solvent यह TDS मीटर हमें यह बताता है के पानी में कितनी सॉलिड चीजें मौजूद हैं। पीने के पानी का TDS, ना तो बहुत ज्यादा होना चाहिए और ना ही बहुत कम। Bureau of Indian Standards जो भारत में इन सब चीजों का स्टैंडर्ड तय करती हैं उनके मुताबिक पीने के पानी का TDS 500mg/l से कम ही होना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ WHO के मुताबिक अगर आप 100mg/l TDS से कम का पानी पीते हैं तो यह आप को नुकसान पहुंचा सकता है।

 ज्यादातर RO के पानी का TDS कितना होता है?

और आपको पता है कि ज्यादातर RO फिल्टर पानी का TDS 100 से कम ही होता है। हमारे शरीर में होने वाले कई कामों के लिए हमें मिनरल्स की जरूरत होती है। और पानी में मिनरल्स की कमी के कारण। हड्डिया कमजोर होने, ज्यादा थकान महसूस करने, पैदा हुए बच्चों का "कम वजन होने" और "दिल की बीमारियां" जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

यह किसने प्रमाणित किया?

यह सब मैं अपने मन से नहीं कह रही हूं। WHO यानी World Health Organisation द्वारा रिलीज की गई एक रिपोर्ट में यह सब बताया गया है। लेकिन अगर आप यह रिपोर्ट ना भी देखें, तब भी आप यह सोच सकते हैं।

बिना मिनरल्स के हमारा शरीर कैसे काम करेगा?

 के बिना मिनरल्स के हमारा शरीर कैसे काम करेगा? और मिनरल्स की कमी होने से, दिक्कत तो होगी ही ना? मुझे पता है अब आप क्या सोच रहे हैं पानी से ही थोड़ी ना मिलने मिलते हैं? ज्यादातर मिनरल्स तो खाने से मिलते हैं! हम तो खाने में ले लेंगे। देखा गया है कि कम TDS वाले पानी में, कम सॉलिड्स होने की वजह से बाकी के सॉलिड्स को खींचने की क्षमता ज्यादा होती है। इसीलिए जब यह पानी शरीर में ज्यादा है तो शरीर में मौजूद मिनरल भी खींच लेता है और यूरिन के द्वारा बाहर फेंक देता है

WHO इस रिपोर्ट में इंसानों और जानवरों पर किए गए प्रयोगों द्वारा यह पता लगाया गया है 100 या उससे कम TDS वाले पानी को पीने से ज्यादा प्यास लगती है, ज्यादा यूरिन आता है और इसी वजह से ज्यादा से ज्यादा मिनरल्स, शरीर से बाहर निकल जाते हैं। मतलब पानी पीके तो मिनिरल मिले नहीं हमारे शरीर में जो मिनरल मौजूद थे, वह भी बाहर निकल गए। इतना ही नहीं यह भी देखा गया है कि अगर आप कम TDS वाले पानी से, यह जो कम मिनरल वाला पानी है इससे खाना पकाते हैं खाने में डालते हैं तो यह खाने में मौजूद मिनरल की मात्रा को भी कम कर देता। मतलब RO ने तो मचा रखी है!

जानिए-सर्दी और गर्मी के मौसम में पसीना आना। हमारे शरीर पर पसीना क्यो आता हैं?

 वैसे ही आज कल के डायट में मिनरल की मात्रा कितनी कम होती है, ऊपर से अगर पानी से भी निकल जाए, खाना बनाते समय खाने से भी कम हो जाए तो क्या ही करना है? तो यह बात बिल्कुल सच है की "WHO 100mg/l से कम TDS के पानी को पीने की सलाह बिल्कुल नहीं देता है।" और अगर आप इस परेशानी को सुझाना चाहते हैं।

RO के पानी का TDS कितना होना चाहिए?

 तो आप अपने RO फिल्टर का TDS एडजस्ट भी करवा सकते हैं जोकि 500 से कम, और 100 से ज्यादा होना चाहिए। साथ ही साथ, कई लोग अपने RO फिल्टर में remineralize वाला सिस्टम लगवा लेते हैं। जिससे जो मिनरल्स है, जरूरी मिनरल्स है, वह ऊपर से ऐड किए जाते हैं। लेकिन इस बात का कोई सबूत मौजूद नहीं है की इससे हमारी अंधेर जो मिनरल की कमी है, उसकी पूर्ति होगी या नहीं।

पानी को साफ करने का बेहतरीन तरीका क्या है?

आपको पता है कि पानी को साफ करने का बेहतरीन तरीका क्या है? उसको उबालकर पीना। क्योंकि जब आप पानी को उबाल ते हैं, तो उसमें मौजूद कीटाणु और गंदगी अपने आप ही साफ हो जाती हैं। RO का पानी पीने में तो अच्छा लगता है, लेकिन इसे पीने के बाद हमारा शरीर, बिल्कुल भी अच्छा महसूस नहीं करता।

इन सभी बातों का हजारों साल पहले किस किताब में उल्लेख किया है?

आपको पता है कि जब मैं WHO की यह रिपोर्ट पढ़ रही थी उसने उन्होंने "ऋग्वेद" का जिक्र किया हुआ था। मतलब, मॉडर्न साइंस भी यह जो हजारों साल पुरानी किताब, हमारी ऋग्वेद है, जिसमें इन सब चीजों के बारे में लिखा हुआ है उसको भी वह लोग एक स्टैंडर्ड की तरह लेकर चलते हैं। तो ऋग्वेद में यह लिखा गया है, के पानी साफ होने के साथ-साथ, उसमें प्राकृतिक पोषक तत्व है, मिनरल्स है वह मौजूद होनी चाहिए, सॉल्टस मौजूद होनी चाहिए और अगर आप दिखे तो पुराने समय में हम पानी को कैसे साफ करते थे, लोग पानी को उबालकर पीते थे, या तो तांबे के बर्तन में पीते थे या घड़े में पीते थे और कुछ ना कुछ विज्ञान जरूर होगी इनके पीछे भी।

तो अगर आप चाहते हैं कि मैं इस प्रश्न का भी जवाब ढूंढो के पानी को कैसे पीना चाहिए, उसको साफ कैसे करना चाहिए क्या बेस्ट तरीका है पानी पीने का, उसको साफ करने का मुझे कमेंट करके जरूर करेंगा, धन्यवाद...

No comments:

Post a Comment