टेस्ट ट्यूब बेबी IVF ट्रीटमेंट - Life At Exp

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Sunday, August 2, 2020

टेस्ट ट्यूब बेबी IVF ट्रीटमेंट

IVF

टेस्ट ट्यूब बेबी?

लुइस ब्राउन जो अभी करीब 41 साल की है। लेकिन 25 जुलाई 1978 को जब इनका जन्म हुआ था तभी यह काफी चर्चा में आ गई थी। For the first time in history, a human being conceived in a laboratory has been delivered successfully। सोचने वाली बात यह है, कि यह है नॉर्मल सी दिखने वाली बच्ची, खबरों में क्यों आ रही थी क्योंकि यह दुनिया का सबसे पहला टेस्ट ट्यूब बेबी था। 

टेस्ट ट्यूब बेबी? नहीं नहीं, टेस्ट ट्यूब बेबी, टेस्ट ट्यूब में पैदा नहीं होता। तो फिर यह 

टेस्ट ट्यूब बेबी होता कैसे है? 

आपको पता है भारत में, 2.5 करोड़ से भी ज्यादा ऐसे कपल है, जो बच्चा पैदा नहीं कर पाते और दुनिया में हर 8 कप्ल में से 1 को बच्चा पैदा करने में दिक्कत आती है। और समय के साथ-साथ कपल्स में होने वाली इस दिक्कत की वजह से काफी सारे लोग ऐसे हैं जो टेस्ट ट्यूब बेबी करने का कोशिश कर रहे हैं। टेस्ट ट्यूब बेबी मतलब यह कोई अलग तरीके का बच्चा है? 

टेस्ट ट्यूब बेबी इंसान का ही बच्चा है ना?

 टेस्ट ट्यूब बेबी, वह बेबी है, जो IVF द्वारा पैदा होता है। अब IVF क्या है? IVF यानी In Vitro Fertilization जिसमें एक पुरुष के शुक्राणु, और स्त्री के अंडे को एक लैब में, एक पेट्री डिश के अंदर मिलाया जाता है 'In Vitro' का मतलब होता है शरीर से बाहर तो कोई भी प्रोसेस जो शरीर के अंदर ना होकर बाहर होता है, जैसे कि किसी लैब में उसे 'In Vitro' कहते हैं। आपको पता ही होगा कि एक नॉरमल प्रेगनेंसी में मेल स्पर्म फीमेल शरीर के अंदर जाकर उसके अंडे से मिलकर, एक सिंगल एक लौता सेल बनाता है। 

जिसे हम zygote कहते हैं और फिर यह zygote डिवाइड हो हो कर एक एंब्रियो बन जाता है और आखिर में, इसी तरीके से यह एंब्रियो भी, बढ़ते बढ़ते एक बच्चे का रूप ले लेता है। लेकिन IVF में पुरुष शुक्राणु और फीमेल अंडे का मिलन फीमेल के शरीर के अंदर नहीं बल्कि एक पेट्री डिश में किसी लैब में किया जाता है और फिर करीब 3 से 5 दिन बाद, जब यह सिंगल सेल या zygote एक एंब्रियों का रूप ले लेता है तो इसको फीमेल के यूट्रस में इंजेक्शन द्वारा डाला जाता है। 


उसके बाद, जो भी आगे का प्रोसेस है, शरीर में होता है, वह खुद ब खुद ही होता जाता है। अच्छा मतलब जो यह IVF द्वारा जो तरीके से बच्चों का पैदा होता है, उसको टेस्ट ट्यूब बेबी कहते हैं और बच्चा बाहर नहीं बनता, बच्चे शरीर में ही बनता है बस खाली वह जो फ्यूजन है, वह बाहर बनता है। लैब में होने वाले इस फर्टिलाइजेशन से पहले, मां बनने वाली स्त्री को कुछ हार्मोन इंजेक्शन या दवाइयों द्वारा दिए जाते हैं। जिसके वजह से, उसके शरीर में जो अंडे बनते हैं वह ज्यादा मात्रा में बनने लगते हैं।

 हर महीने, एक फीमेल के शरीर में एक अंडा बनता है लेकिन इन हारमोंस को लेने के बाद यह अंडे भारी मात्रा में बनने लगते हैं। अंडों के बनने के बाद, इन्हें एक फीमेल के शरीर से, इंजेक्शन द्वारा निकाला जाता है जिसके बाद इन्हें एक पेट्री डिश में पुरुष के शुक्राणु के साथ मिला दिया जाता है जहां पर यह पुरुष के शुक्राणु खुद-ब-खुद जाकर अंडे से मिल जाते हैं और फर्टिलाइजेशन हो जाता है। कभी कभार जब सारे शुक्राणु स्वस्थ ना हो, तो एक सिंगल स्वस्थ शुक्राणु को फीमेल के अंडे के अंदर सीधा इंजेक्शन द्वारा डाल दिया जाता है लैब में होने वाले इस फर्टिलाइजेशन के 3 से 5 दिन बाद जब एंब्रियो बन जाता है, 

फिर उस एंब्रियो को इंजेक्शन द्वारा ही, फीमेल के गर्भाशय में डाल दिया जाता है और वहां पर, यह एंब्रियो अपने आप ही बड़ के एक बच्चे का रूप लेता है। यह तो बहुत सही है यार, मतलब काफी सारे कपिल ऐसा करवा सकते हैं। IVF का ट्रीटमंट हर किसी के लिए कराना इतना आसान नहीं है क्योंकि इसमें काफी खर्च आता है। IVF की साइकिल में, यानी एक बार ट्राई करने में ही 1.5 से 2 लाख तक का खर्चा आ जाता है, जो हर कोई नहीं दे सकता। IVF की डिमांड अब दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है

 यह अब इतना आम हो चुका है कि अब तक करीब 80 लाख बच्चे इस तरीके से पैदा हो चुके हैं इसके द्वारा, कोई अगर सिंगल पैरंट भी बनना चाहता है तो वह भी मुमकिन है। और अगर होमोसेक्सुअल कपल भी यह बच्चा पैदा करना चाहे तो किसी और का अंडा और शुक्राणु लेकर, IVF द्वारा बच्चा पैदा कर सकते हैं। एक बात बताओ, यह IVF क्या हमेशा सही होता है? 

मतलब एक बार ट्राई करेंगे तो क्या बच्चा हो ही जाएगा?

 IVF हमेशा सफल नहीं होता किसी भी प्रक्रिया की तरह, IVF के पूरे पूरे संभावना होती हैं फेल होने के एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर फीमेल की उम्र 35 साल से कम है तो 40% संभावनाएं हैं, की IVF सफल होगा और जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, IVF द्वारा मां बनने के चांसेस भी कम होती जाती है आपको पता है IVF द्वारा प्रेग्नेंट होने के चांसेस को बढ़ाने के लिए, एक फीमेल में एक बार में कई सारे एमब्रीओस इंजेक्ट कर दिए जाते हैं क्योंकि जरूरी नहीं है कि हर एंब्रियो बच्चा बन ही जाएगा। काफी सारी एंब्रियो ऐसे होते हैं जो शुरू में ही दम तोड़ देते हैं। लेकिन ज्यादा एंब्रियो डालने की वजह से, IVF प्रेगनेंसी में, जुड़वा या तीन चार बच्चे एक साथ पैदा होने के चांसेस, नॉरमल प्रेगनेंसी के मुकाबले ज्यादा रहते हैं। 

पर किसी भी IVF ट्रीटमेंट में यह पूरी कोशिश रहती है कि ऐसा ना हो। क्योंकि ज्यादा बच्चे होना, मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक होता है। 3-4 एक साथ? इस प्रेगनेंसी में जो बच्चे पैदा होते हैं वह नॉर्मल ही होते हैं ना? ज्यादातर IVF बेबी, अभी 30 साल से नीचे नीचे के ही है क्योंकि जो पहली IVF बेबी पैदा हुई थी, लुइस ब्राउन, वह खुद ही अभी 41 साल की है। तो अभी तक तो इन बच्चों को नॉर्मल ही देखा जा रहा है एक छोटी सी बात जो नोटिस की जाती है, 

वह यह है की IVF द्वारा पैदा होने वाले ज्यादातर बच्चों का वजन कम होता है लेकिन ओवरऑल यह बच्चे नॉर्मल ही होते हैं। अब लुइस ब्राउन को ही देख लो, भैया कब वह 41 साल की हो गई है, 2 बच्चों की मां है और, खुशी खुशी अपनी लाइफ जी रही है। तो कैसे हैं आप सब लोग? मैं एकदम बढ़िया हूं और मुझे लगा कि मुझे हर आर्टिकल के आखिर में आपको बताना चाहिए कि मुझे यह प्रश्न कैसे आया? क्या सोचकर मैंने आर्टिकल की लिखा और आपकी जिंदगी खराब की, आपका टाइम वेस्ट किया।

 दरअसल इस आर्टिकल के लिए, अभी हाल ही में मेरी फैमिली में, एक कपल है, जो टेस्ट ट्यूब बेबी करने का ट्राई कर रहे हैं और उसके लिए वह डॉक्टर का चक्कर भी लगा रहे हैं तो बहुत सारा डिस्कशन हो रहा है, मैं कुछ कुछ पूछ रही थी, और वह उसका जवाब दे रहे थे। और मैंने सोचा कि यार, पहले टेस्ट ट्यूब बेबी टीवी पर कैसे सुनाई देता है, इंटरनेट पर आता था, अब यह इतना आम हो गया है, कि भैया अपने ही परिवार में कहीं सुनाई दे रहा है और एक दो लोगों के साथ डिस्कस करने के बाद मुझे यह पता चला कि, बहुत से लोग हैं जिनको जानकारी नहीं है, के टेस्ट ट्यूब बेबी कैसे बनता है? क्या होता है? 

उनको बस यह पता है कि हां कुछ ट्रीटमेंट हो रहा है कहीं लोग जाते हैं डॉक्टर के पास, और बस ठीक हो जाते हैं और बच्चा हो जाता है। तो मुझे लगा कि यार इसमें आर्टिकल लिखना जरूरी है, मुझे भी बहुत सारी चीजें नहीं पता है इसलिए और मुझे भी जानना जरूरी है, और अगर मैं जानलू तो आपको बताऊंगा तो ही, वह तो करना ही है तो इसलिए मैंने यह आर्टिकल बनाया, और आप सब लोगों के साथ शेयर किया अब इस आर्टिकल आपको कैसा लगा है, उतना तो आप कर ही सकते हो, कि मुझे बता दो कॉमेंट करके कमेंट करके जरूर बताना

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