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Friday, August 14, 2020

10 सबसे ज्यादा प्रोटीन युक्त घटक

August 14, 2020 0

 प्रोटीन शरीर को निर्माण करने वाले सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है। एक स्वस्थ मानव शरीर में लगभग 62% पानी 16% प्रोटीन 6% खनिज और 1% से कम कार्बोहाइड्रेट थोड़ी मात्रा में विटामिन और कुछ अन्य पदार्थ होते हैं।

10 सबसे ज्यादा प्रोटीन युक्त घटक


10 सबसे ज्यादा प्रोटीन युक्त घटक

 प्रोटीन हमारे शरीर में बालों मांसपेशियों त्वचा हड्डियों नाखूनों और रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है रूटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। साथ ही शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए जरूरी है। प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा हमारे बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

यह जानिए- बुखार क्या है और हमें क्यों आता है?

 ऐसे में अक्सर लोग मानते हैं। कि प्रोटीन के लिए 'अंडा' सबसे बेहतर जरिया है। लेकिन आप भी जानिए कि कुछ फूड के बारे में जिन में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है।आज हम जानेंगे कि सबसे ज्यादा प्रोटीन किसमें होता है।


1) सोयाबीन 

सोयाबीन मीट (मास) और अंडे से भी ज्यादा प्रोटीन युक्त आहार है। प्रोटीन के अलावा सोयाबीन विटामिन बी कंपलेक्स विटामिन और खनिज पदार्थों से भी भरपूर होता है। इसके अलावा सोयाबीन फाइबर से भी भरपूर होता है। तो 100 ग्राम सोया चंक्स में करीब 50 ग्राम प्रोटीन होता है।


2) पनीर

पनीर दूध से बने सभी प्रोडक्ट स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। जो कि हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करते हैं। पनीर भी दूध से ही तैयार होता है। और इसमें प्रोटीन साथ और फैट पाया जाता है। 100 ग्राम पनीर में 18 ग्राम के आसपास प्रोटीन होता है।


 3) मूंग की दाल

मूंग की दाल प्रोटीन की कमी पूरी करने का एक बहुत ही सस्ता साधन है। क्योंकि मूंग की दाल प्रोटीन से भरपूर होती है सिर्फ 100 ग्राम मूंग की दाल में करीब 24 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।


 4) बादाम 

बादम बेहतरीन किस्म के फ्लैट के साथ भरपूर प्रोटीन से युक्त होता है। 100 ग्राम बादाम में लगभग 21 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।


5) काजू 

काजू यूं तो काजू के कई फायदे हैं। और यह वजन बढ़ाने के लिए भी सहायक है। साथ ही यह प्रोटीन से भरपूर होता है। सिर्फ 100 ग्राम काजू में करीब 553 कैलरी 44 ग्राम सोंठ और करीब 18 ग्राम प्रोटीन होता है।


 6) दूध 

दूध सिर्फ शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करके हड्डियों को मजबूत करता है। बल्कि यह प्रोटीन से भी भरपूर होता है। 1 लीटर दूध में करीब 40 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। 


7) अंकुरित अनाज 

अंकुरित अनाज भी प्रोटीन सेवन का एक बेहतरीन जरिया है। एक कप अंकुरित अनाज में करीब 15 ग्राम प्रोटीन होता है।


 8) मूंगफली 

यूं तो मूंगफली में फैट पाया जाता है। लेकिन यह प्रोटीन से भरपूर होती है। सिर्फ 100 ग्राम मूंगफली में करीब 26 ग्राम प्रोटीन होता है।


9) चना 

चना नासिर प्रोटीन बल्कि फाइबर से भी भरपूर होता है। इसे भिगोकर उबालकर या फ्राई करके भी खा सकते हैं। 100 ग्राम चने में करीब 15 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। 


10) दही 

दूध से बनी हर चीज में भरपूर प्रोटीन पाया जाता है। और इसीलिए दही भी प्रोटीन का एक बेहतर जरिया है। 100 ग्राम दही में करीब 11 ग्राम प्रोटीन होता है।


यह जानिए- RO का पानी मीठा क्यों लगता है?


 लेकिन हां बिना सोचे ज्यादा प्रोटीन के सेवन से नुकसान हो सकता है उस प्रोटीन का कितना सेवन करना चाहिए या आपकी उम्र आपका वजन और दिनचर्या पर निर्भर करता है। सही मात्रा में प्रोटीन के सेवन से जुड़ी जानकारी आप अपने चिकित्सक से ले इसी के साथ यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें लिख करके जरूर बताइए... धन्यवाद

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Wednesday, August 12, 2020

बगल में पसीना और बदबू पसीने की बदबू रोकने के घरेलू उपाय

August 12, 2020 0
बगल में पसीना और बदबू पसीने की बदबू रोकने के घरेलू उपाय

गर्मियों के दिनों में सबसे ज्यादा आता है पसीना पसीना आना कोई समस्या नहीं है। लेकिन पसीने से आने वाली बदबू दूसरे लोगों को काफी ज्यादा परेशान करती है। दोस्तों अब इस पसीने की बदबू को दूर करने के लिए।

पसीना और बदबू पसीने की बदबू रोकने के घरेलू उपाय

 मार्केट में तरह-तरह के न्यूज़ वगैरह आते रहते हैं। जो कि आपको बदबू से निजात जरूर दिलाते हैं लेकिन केवल 1 या 2 घंटे तक और 2 घंटे बाद पहले से भी ज्यादा बदबू आने लगती है। लेकिन दोस्तों यहां पर ध्यान इस बात का दिया जाता है कि किसी इंसान को अगर स्किन एलर्जी है तो ऐसे में यह जियो और इस पे का प्रयोग करने से कई सारी प्रॉब्लम का भी सामना करना पड़ सकता है दोस्तों कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे आज की इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले हैं जो कि बिल्कुल आसान है। इस का उपयोग करके आप पूरी तरह से नेचुरल ही शरीर से आने वाली बदबू को दूर कर सकते हैं।

 और इससे आपको कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा तो आज की इस आर्टिकल में उसी की जानकारी हम आपके लिए लेकर आए हैं तो चलिए जानते ऐसे कौन कौन से घरेलू तरीके हैं जिसके जरिए पसीने से आने वाली बदबू से हम आसानी से निजात पा सकते हैं। 

मुल्तानी मिट्टी

 मुल्तानी मिट्टी से जी हां आप चाहे तो मुल्तानी मिट्टी को अपने बगल में और पैरों में रगड़ने और इसे सूखने दें जब यह पूरी तरह से सूख जाए तो इसे धो लें ऐसा करने से डेड स्किन या पुराना पसीना जो इसकी शरीर में फैल रहा है वह सुप्रभा निकल जाता है।

-: क्या आप यह जानते हैं मुंह से बदबू क्यों आती है?

हैंड सेनीटाइजर

 हैंड सेनीटाइजर जी हां अगर आप बहुत भीड़ वाली जगह पर है और शरीर से आने वाली पसीने की बदबू से छुटकारा पाना चाहते हैं तो इसके लिए हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग कर सकते हैं दोस्तों इसके लिए आपको हैंड सैनिटाइजर की कुछ मात्रा हाथों में लगानी है और इसे अपने बगल में रगड़ना यह बगल में पसीने से बदबू पैदा करने वाले व्यक्तियों से लड़ेगा जिससे बगल से पसीने की बदबू नहीं आयेगी बात करते हैं अगले नुसखे की जो कि है 


फिटकरी

फिटकरी दोस्तों फिटकरी एक एंटीसेप्टिक है जो पसीने से आने वाली दुर्गंध को नष्ट कर दी है इसलिए नहाने के पानी में अगर आप एक चुटकी फिटकरी का पाउडर मिलाकर नहाते हैं तो इससे बॉडी से कम से कम पसीना निकलता है और पसीने से स्मेल भी नहीं आती है इसलिए नहाने के पानी में फिटकरी डालकर नहाते समय आपको इस बात का ध्यान रखना है कि फिटकरी की मात्रा आप ज्यादा ना डालें जी हां नहीं तो इससे स्किन में ड्राइनेस आ सकती है मतलब हल्की सी मात्रा ही आपको डालनी है ताकि कोई स्किन प्रॉब्लम आपको ना हो दोस्तो बात करते हैं अगले तरीके की जोकि 


बेड टीशु

बेड टीशु का प्रयोग करना जी हां बहुत ज्यादा पसीना अगर आता है और आप इसकी दुर्गन्ध से बचे रहना चाहते हैं तो तेल सोक्ता पेपर ले बेटा पसीना पोंछ लें या पेपर नमी को सोखने में कारगर होते हैं इसलिए अपनी बगल में इसे रगड़ना चाहिए जिसे पसीने से आने वाली दुर्गंध को रोका जा सके बात करते हैं अगले तरीके की जो कि है 


व्हीटग्रास

व्हीटग्रास का जूस पीना जी हां व्हीटग्रास यानी कि गेहूं के ज्वारे में को रोकना था मात्रा में पाया जाता है जिससे शरीर के जहरीले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं इसलिए पसीने की बदबू से छुटकारा पाने के लिए रोजाना व्हीटग्रास का जूस पी सकते हैं थोड़ी मात्रा में बात करते हैं अगले तरीके की दोस्तों 


हल्का सा निंबू का रस

नहाने के पानी में हल्का सा निंबू का रस मिला ना जी हां हर दिन आप स्नान करने जाएं तो पानी में नींबू का रस आप मिक्स कर सकते हैं नींबू पानी से नहाने से आपका सारा दिन खुद को फ्रेशमिल करेगा और इससे बॉडी से आने वाली स्मेल भी दूर होगी अगर स्किन प्रॉब्लम से आप भूल रहे हैं तो नींबू काटकर उसे अंडर आर्म्स पर रगड़ भी सकते हैं या बेहतरीन डीओ की तरह वर्क करता है लेकिन यहां पर भी एक बात खास तौर पर ध्यान रखना दोस्तों बहुत से ऐसे व्यक्ति होते हैं जिसे नींबू से स्किन एलर्जी होती है तो आपको क्या करना है 


केवल 1 दिन हल्की मात्रा में नींबू मिलाकर स्नान करना है और उसके बाद दो या तीन दिन तक इसके प्रभाव को अपने शरीर पर देखना है अगर आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होती है तो आप इसको आजमाएं और अगर आपको कोई प्रॉब्लम है तो इस उपाय को आप ना आजमाए हमने।


 जो पहले उपाय बताएं उसमें से आप किसी उपाय को आजमा सकते हैं तो दोस्तों यह थे वह सारे घरेलू तरीके जो मैं पसीने की बदबू से छुटकारा दिला सकते हैं वह भी आसानी से तो दोस्तों यही थी मेरी आज की जानकारी आप लोगों के लिए।


 उम्मीद करता हूं यह आर्टिकल और जानकारी आपको पसंद आई होगी अगर यह जानकारी अच्छी लगती है। इसे शेयर करें।         धन्यवाद....

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Sunday, August 2, 2020

बुखार क्या है और हमें क्यों आता है?

August 02, 2020 1
बुखार क्या है और हमें क्यों आता है?


बुखार क्यों आता है?

 भले ही बाहर का तापमान समय-समय पर बदलता रहता है, हमारे शरीर का आंतरिक तापमान काफी स्थिर रहता है।  हमारे शरीर का आंतरिक तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस या 98.6 डिग्री फ़ारेनहाइट होता है।  लेकिन कभी-कभी यह आंतरिक तापमान कुछ हद तक बढ़ जाता है।  हम ठंड, झुलस महसूस करते हैं और बीमार महसूस करते हैं।

आमतौर पर, यह उच्च तापमान (बुखार) संक्रमण के कारण होता है।  लेकिन कैंसर, हीट स्ट्रोक आदि जैसी बीमारियां भी बुखार का कारण बन सकता हैं। जब भी हमें लगता है कि हमें बुखार हो गया है और हम बीमार महसूस कर रहे हैं, हम थर्मामीटर का उपयोग करते हैं।  थर्मामीटर एक उपकरण है जो हमें हमारे शरीर के आंतरिक तापमान को मापने में सक्षम बनाता है।

 एक सामान्य दिन पर, यह तापमान एक-एक डिग्री तक उतार-चढ़ाव करता रहता है।  लेकिन हम इसे बुखार ही कहते हैं जब तापमान 38 डिग्री सेल्सियस या 100 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक हो जाता है।  लेकिन अब आपको विचार करना चाहिए ... हमारी

 आंतरिक व्यवस्था पूरी तरह से क्यों बढ़ रही है?

बहुत से लोग बुखार को एक बीमारी के रूप में देखते हैं ... लेकिन यह असत्य है।  बुखार वास्तव में एक अंतर्निहित बीमारी का लक्षण है।  वास्तव में, बुखार हमारी मदद करने के लिए हमारे शरीर का तरीका है।  अब आप सोच रहे होंगे HOW?  प्रश्न का उत्तर, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को समझने में निहित है।  प्रतिरक्षा हमारे शरीर की क्षमता है ...

प्रतिरक्षा प्रणाली को समझने

हमें बीमारियों से बचाती है।  हमारी प्रतिरक्षा कोशिकाएँ रोगाणुओं (रोगजनकों) के कारण इन बीमारियों से लड़ती हैं, जिससे हमें बीमार होने से बचाया जा सके।  दरअसल, इन रोगजनकों के खिलाफ लड़ाई में शरीर के तापमान में वृद्धि होती है।  कई बैक्टीरिया और वायरस इस उच्च तापमान के लिए असहिष्णु हैं।  साथ ही, एक हालिया अध्ययन के अनुसार, यह भी पाया गया है ... कि उच्च आंतरिक तापमान भी कुछ प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि की ओर जाता है।  नए और पुराने शोध अध्ययनों से, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि रोग के कारण रोग से लड़ने के लिए हमारे शरीर का तरीका है।

ज्यादातर मामलों में, बुखार केवल 2 - 4 दिनों तक रहता है।  चूंकि हमें बुखार में बहुत पसीना आता है ... और हमारे शरीर में बहुत अधिक पानी की कमी होती है, इसलिए हमें सामान्य से अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है, और हमें आराम करना चाहिए।  आम तौर पर, हल्के बुखार में दवाओं की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन बहुत से लोग उस पल को गोली लेते हैं जो उन्हें बुखार लगता है।


इन दवाओं के अपने साइड इफेक्ट्स हैं, और उन्हें हर बार लेने के बाद अनुकूल नहीं है।  यदि आपका बुखार वास्तव में अधिक है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप काफी बीमार महसूस कर रहे हैं।  फिर डॉक्टर को देखने के लिए बेहतर है, और केवल निर्धारित दवाएं लें।


तो, उम्मीद है कि आप को पता चला है ... कि बुखार वास्तव में एक बीमारी नहीं है ... लेकिन हमारे शरीर का अंतर्निहित तंत्र हमें बीमारी से लड़ने में मदद करता है।  यदि आपके पास इन जैसे अन्य प्रश्न हैं, तो आप हमें जवाब देना चाहेंगे, ... आप हमें इसमें लिख सकते हैं  नीचे टिप्पणी अनुभाग।  हम सवालों के जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे।  अलविदा।
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Saturday, August 1, 2020

सुबह उठ के बाद मुंह से बदबू क्यों आती है?

August 01, 2020 0
सांसों की बदबू के कारण।

मुंह से बदबू क्यों आती है? 

एक इंसान रात को सोते समय सुबह उठते वक्त काफी अलग होता है सुबह सुबह उटते समय ज्यादा आराम के अलावा एक और चीज है जो ज्यादा बढ़ जाती है। हमारे मुंह की बदबू। हम सब के साथ यह रोज़ सुबह होता ही है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि रात भर में हमारे मुंह के अंदर ऐसा क्या होता है? कि सुबह उटके सड़े हुए अंडे और बदबूदार मोजों जैसी बदबू आती है मतलब ऐसा भी क्या हुआ रात भर में दिन में तो सब ठीक था? 

सांसों की बदबू के कारण। आपको पता है यह क्यों होता है? 
बैक्टीरिया के वजह से। हमारे मुंह के अंदर का मौसम बहुत ही गर्म और खाने के कुछ छेटे-छोटे टुकडे यानि के कुछ फूड पार्टिकल से भरा होता है और यही मौसम और यही फूड पलर्टिकल बैक्टीरिया को बहुत पसंद आते हैं। कुछ बैक्टीरिया हमारे मुंह के अंदर हमेशा मौजूद होते हैं। जो हमारे मुंह में मौजूद बची कुची खाने और डेंट सेल्स को खाते रहते हैं। क्योंकि यह बैक्टीरिया सारा टाइम हमारे मुंह में मौजूद होते हैं।

 यह बाकी खतरनाक बैक्टीरिया को हमारे मुंह के अंदरं नहीं आने देते और हमें उनसे बचाते हैं। और इससे पहले आप अपने दिमाग में इनकी एक अच्छी इमेज बना ले में आपको बता दूं की इन्हीं बैक्टीरिया के वजह से हमें कैविटी और मसूड़ों की बीमारियां होती है और यही बैक्टीरिया जिम्मेदार है हमारे मुंह के बदबू का। 


लेकिन ऐसा क्या करते हैं यह बैक्टीरिया हमारे मुंह के अंदर? 
जैसे- जैसे यह बैक्टंरिया हमारे मुंह के अंदर फूट पार्टिकल्स को खाते रहते हैं इनके शरीर से कुछ कंपाउंड वेस्ट की तरह निकलते रहते हैं और यह बदबू उन्हीं वेस्ट कंपाउंड की होतै है। 

बैक्टेरिया से नेकलने वाले यह वेस्ट कंपाउंड अलग-अलग तरह के होते हैं औरै इनके स्मैल भी अलग-अलग होती है। जेसे कि हाइड्रोजन सल्फाइड जो सड़े हुए अंडो जैसा स्मेल करता है। मेथेनथिओल(Methanethiol) जिसे फर्ट स्मेल भी कहते है। और कड़वेरिने(Cadaverine) जो सड़े हुए मीट जैसा स्मैल करता है। तो ऐसे ही कई अलग अलग तरह की कैपाउंड है जो बैक्टीरिया हमारे मुंह में रिलीज करता है। और हमारा मुंह इन्हीं कंपाउंड्स की बदबू छोड़ता रहता है तो अगर अब आपको कोई बोले तेरे मुंह से सड़े हुए अंडे की बदबू आ रही है तो आप कह सकते हैं

 इट्स हाइड्रोजन सल्फाइड! अच्छा, लेकिन अगर बैक्टीरिया यह बदबू छोड़ता है और बैक्टीरैया हमारी मुह में सारा टाइम मौजूद होते है तो फिर 

बदबू सुबह ही क्यों आती है? 

दिन भर में सिलाईभा की मदद से हमारे मुह में मौजूद बैक्टीरिया और फूड पार्टिक्लस। हमारे अंदर जाकर टाइम टू टाइम साफ होते रहते हैं लेकिन रात में ऐसा नहीं हो पता। रात में हमारा मुह उताना सिलाईभा नहीं बना पाता जितना की वो दिन भर में बनाता है। और इसी वजह से इन बैक्टीरिया का सफाया नहीं हो पाता। जिसके कारण यह बैल्टीरिया हमारे मुंह के अंदर मौजूद फुड पार्टिकल और डैड सेल्स को खाते रहते हैं और भारी मात्रा में बढ़ते ही रहते हैं और जब बैक्टेरिया बढ़ेंगे तो उनके द्वारा छोड़ी गई स्मेल तो बढ़ेगी ही ना।

 तो मैं आप सबको बता सकता हूं की यह बदबू मेरे मुंह से नहीं बल्कि बैटेरिया से आती है। लेकिन इस से बदबू तो नहीं जाएगी ना। तो अगर आप चाहते हैं कि सुबह उठकर आपके 

मुंह की दुर्गंध भगाने के तरीका -

मुंह से यह बदबू कम आए आपके आसपास वालों का भला हो जाए। तो रात को सोने से पहले ब्रश करना, अपनी जीभ साफ करना अपने मुंह को साफ करना जैसी आदतें आपकी मुंह से बदबू हटाने में मदद कर सकती हैं। 
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Thursday, July 30, 2020

हिचकी क्यों आती है? इसका कारण । लगातार हिचकी (hiccup) आना

July 30, 2020 0
हिचकी क्यों आती है? इसका कारण । लगातार हिचकी आना

हिचकी 'hiccup' आती क्यों है?। हिचकी क्यों आती है वैज्ञानिक कारण


मुझे hiccup आई और मैंने पूछा दादी!
दादी...! अरे क्या हुआ,
मैं बोला... हिचकी (hiccup)?
दादी बोली.. जरूर कोई याद कर रहा होगा! पक्का कोई गाली दे रहा है तू नाम लेकर देखो अभी ठीक हो जाएगी।

मैं बोला दादी से, रहने दो।
फिर से हिचकी मम्मी!

अब जानते हैं हिचकी (hiccup) क्यों आती है इसका कारण

तो हम सबके साथ यह हिचकी वाला टाइम कई बार आ ही जाता है। जिसमें हमें समझ ही नहीं आता कि हमारे शरीर को हो क्या गया है? और यह अजीब अजीब आवाजें क्यों आ रही है? लेकिन इस हिचकी को ठीक करने से पहले आइए हम यह जान लेते हैं कि यह हिचकी आती क्यों है? और जब हिचकी आती है तो हमारे बॉडी के अंदर क्या हो रहा होता है? क्या?

यह भी जाने-RO का पानी मीठा क्यों लगता है?। आप RO फिल्टर खरीदने की सोच रहे हैं?

हिचकी (hiccup) आने के इस कहानी का मेन हीरो है हमारा अपना डायाफ्राम। हमारे फेफड़ों के नीचे मसल्स से बनी एक प्लेट होती है जिसे हम डायाफ्राम कहते हैं। और यह डायाफ्राम ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने में हमारी मदद करता है। जब भी यह डायाफ्राम कॉन्ट्रैक्ट यानी कसता है तो हमारे फेफड़ों में हवा भर जाती है और जब यह रिलेक्स करता है तो हमारे फेफड़ों से मुंह से सारी हवा बाहर निकल जाती है।

"लगातार हिचकी आना" ऐसे ही कुछ कारणों से होता है। हमारे इस डायाफ्राम को कब मूव करना है और कैसे मूव करना है यह हमारा दिमाग तय करता है और डायफ्राम को मूव करने का आदेश भी हमारा दिमाग ही देता है। तो यह डायफ्राम हमें सांस लेने में मदद करता है? लेकिन यह हिचकी कैसे आती है? देखा गया है कि जब भी हमें हिचकी आती है तो हमारा दिमाग, हमारे डायाफ्राम को एकदम से कसने का सिग्नल देता है जिसके कारण, हमारे गले के अंदर खूब सारी हवा एकदम से चली जाती है तो जब हमारी बॉडी एकदम से खूब सारी हवा अपने अंदर लेने की कोशिश करती है तो हमारी गली में मौजूद वोकल कॉर्ड एकदम से बंद हो जाती है और यह आवाज उन्हीं के बंद होने की आती है।

लेकिन ऐसा क्यों होता है?

[हिचकी] [हिचकी] लेकिन ऐसा क्यों होता है? हमें यह तो पता है कि हिचकी आते समय हमारे अंदर क्या होता है लेकिन हम अभी तक यह नहीं पता लगा पाए है कि यह हिचकी आती क्यों है? और हिचकी आने का कारण अभी तक एक मिस्ट्री एक रहस्य ही है। ज्यादातर समय देखा गया है कि जब हमारे डायाफ्राम के नीचे मौजूद स्टमक किसी भी कारण से स्ट्रेच होता है तो हमें हिचकी आने लगती है

जैसे कि हमारे स्टमक के अंदर खूब सारी हवा चले जाना ज्यादा तेजी से खाना या पीना साथ ही साथ ज्यादा रोने, हंसने, या एक्साइटमेंट की वजह से भी हिचकियां आते हुए देखा गया है। हमारे साथ साथ बहुत से और जानवरों को भी हिचकी आती है और सिर्फ बड़ों को ही नहीं बल्कि पेट के अंदर होने वाले बच्चों को भी हिचकियां आते हुए देखा गया है। वैज्ञानिक अभी भी इस प्रश्न का जवाब खोजने में लगे हुए हैं और अभी तक कुछ थ्योरीस के मुताबिक यही कहा जा रहा है। कि यह 
हिचकी हमें हमारे एवोल्यूशन के द्वारा मिला एक तोहफा हो सकता है।
 जिसका पहले जरूर कोई काम रहा होगा पर अब इंसानों में, शायद इसका कोई फंक्शन नहीं है। कैसा है ना! इंसान ने इतने सारे सवालों के जवाब ढूंढ लिए हैं पर यह छोटी सी हिचकी के पीछे का कारण हम अभी तक नहीं समझ पाए हैं।

जानिए-सर्दी और गर्मी के मौसम में पसीना आना। हमारे शरीर पर पसीना क्यो आता हैं?

हिचकी अपने आप बंद कैसे होती हैं?

की बार खाना खाते वक्त हिचकी (hiccup) आना ऐसे होता है अब हम जानते है। कि हम .. यह, तो है! ओए! हिचकी गई! लेकिन कैसे? ज्यादातर समय बिना कुछ किए ही यह हिचकी चली जाती है लेकिन अगर लंबे समय तक यह हिचकी ठीक ना हो तो लोग इसे ठीक करने के लिए काफी अलग-अलग चीजें ट्राई करते हैं जैसे कि एक साथ खूब सारा पानी पीना अपने सांस को कुछ देर तक रोक के रखना या किसी एक जगह पर ध्यान लगाना पर यह तरीके भी हर किसी के लिए काम नहीं करते वैसे आप क्या कहते हैं जब आपको हिचकी आती है तो?

हिचकी आने के फायदे तो आप जान गए हैं।

अगर आपके पास भी हिचकी को रोकने का कोई ऐसा ही तरीका है तो कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा ताकि आपका आजमाया तरीका कोई अपने बुरे समय में, ट्राई कर सकें। आपको पता ही है, मैं क्या कहने वाला हूं, और आपको पता ही है आपको क्या करना है लेकिन फिर भी तोते की तरह बोलते हुए मैं आपको याद दिला दूंगा कि अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप इसे लाइक कर सकते हैं, शेयर कर सकते हैं कॉमेंट्स कर सकते हैं

धन्यवाद...
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RO का पानी मीठा क्यों लगता है?। आप RO फिल्टर खरीदने की सोच रहे हैं?

July 30, 2020 0
RO, TDS, RO- Reverse Osmosis

क्या या आप RO फिल्टर खरीदने की सोच रहे हैं?

 भैया पहले यह आर्टिकल पढ़ लो तो कुछ ही समय पहले न्यूज़ पेपर में एक खबर आई थी, के WHO ने वार्निंग दी है के भैया, RO का पानी आपकी सेहत खराब कर सकता है। अरे! क्या सही है यह बात?

जानिए-सर्दी और गर्मी के मौसम में पसीना आना। हमारे शरीर पर पसीना क्यो आता हैं?

 क्या सही है यह बात?

RO- Reverse Osmosis एक तरीका है पानी को फिल्टर करने का पानी में मौजूद कीटाणुओं और गंदगी को साफ करने का और पीने के पानी को साफ करने के लिए RO फिल्टर आजकल घर-घर में इस्तेमाल हो रहे हैं। RO फिल्टर से पानी पीने वाले लोगों को कहीं और का पानी नहीं जमता क्योंकि RO से निकलने वाला यह पानी, काफी मीठा और टेस्टी लगता है। लेकिन सवाल यह है कि इस मीठे पानी से हमें क्या नुकसान हो सकता है?

आरो के पानी से हमारे शरीर को क्या हानि हो सकती है?
पानी में मौजूद गंदगी को निकालने के साथ-साथ यह RO, पानी में मौजूद मिनरल जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक हैं। को भी निकाल देता है, इससे फिल्टर होकर पानी इतना साफ हो जाता है, इसमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम जैसे कई सारी जरूरी मिनरल्स साफ हो जाते हैं।

RO का पानी मीठा क्यों लगता है?

और यही एक कारण है कि RO का पानी हमें मीठा लगता है। आपने कभी TDS मीटर का नाम सुना है? पानी में मौजूद मिनरल और बाकी सॉलिड्स को एक TDS मीटर से नापा जाता है। TDS- Total Dissolved Solvent यह TDS मीटर हमें यह बताता है के पानी में कितनी सॉलिड चीजें मौजूद हैं। पीने के पानी का TDS, ना तो बहुत ज्यादा होना चाहिए और ना ही बहुत कम। Bureau of Indian Standards जो भारत में इन सब चीजों का स्टैंडर्ड तय करती हैं उनके मुताबिक पीने के पानी का TDS 500mg/l से कम ही होना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ WHO के मुताबिक अगर आप 100mg/l TDS से कम का पानी पीते हैं तो यह आप को नुकसान पहुंचा सकता है।

 ज्यादातर RO के पानी का TDS कितना होता है?

और आपको पता है कि ज्यादातर RO फिल्टर पानी का TDS 100 से कम ही होता है। हमारे शरीर में होने वाले कई कामों के लिए हमें मिनरल्स की जरूरत होती है। और पानी में मिनरल्स की कमी के कारण। हड्डिया कमजोर होने, ज्यादा थकान महसूस करने, पैदा हुए बच्चों का "कम वजन होने" और "दिल की बीमारियां" जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

यह किसने प्रमाणित किया?

यह सब मैं अपने मन से नहीं कह रही हूं। WHO यानी World Health Organisation द्वारा रिलीज की गई एक रिपोर्ट में यह सब बताया गया है। लेकिन अगर आप यह रिपोर्ट ना भी देखें, तब भी आप यह सोच सकते हैं।

बिना मिनरल्स के हमारा शरीर कैसे काम करेगा?

 के बिना मिनरल्स के हमारा शरीर कैसे काम करेगा? और मिनरल्स की कमी होने से, दिक्कत तो होगी ही ना? मुझे पता है अब आप क्या सोच रहे हैं पानी से ही थोड़ी ना मिलने मिलते हैं? ज्यादातर मिनरल्स तो खाने से मिलते हैं! हम तो खाने में ले लेंगे। देखा गया है कि कम TDS वाले पानी में, कम सॉलिड्स होने की वजह से बाकी के सॉलिड्स को खींचने की क्षमता ज्यादा होती है। इसीलिए जब यह पानी शरीर में ज्यादा है तो शरीर में मौजूद मिनरल भी खींच लेता है और यूरिन के द्वारा बाहर फेंक देता है

WHO इस रिपोर्ट में इंसानों और जानवरों पर किए गए प्रयोगों द्वारा यह पता लगाया गया है 100 या उससे कम TDS वाले पानी को पीने से ज्यादा प्यास लगती है, ज्यादा यूरिन आता है और इसी वजह से ज्यादा से ज्यादा मिनरल्स, शरीर से बाहर निकल जाते हैं। मतलब पानी पीके तो मिनिरल मिले नहीं हमारे शरीर में जो मिनरल मौजूद थे, वह भी बाहर निकल गए। इतना ही नहीं यह भी देखा गया है कि अगर आप कम TDS वाले पानी से, यह जो कम मिनरल वाला पानी है इससे खाना पकाते हैं खाने में डालते हैं तो यह खाने में मौजूद मिनरल की मात्रा को भी कम कर देता। मतलब RO ने तो मचा रखी है!

जानिए-सर्दी और गर्मी के मौसम में पसीना आना। हमारे शरीर पर पसीना क्यो आता हैं?

 वैसे ही आज कल के डायट में मिनरल की मात्रा कितनी कम होती है, ऊपर से अगर पानी से भी निकल जाए, खाना बनाते समय खाने से भी कम हो जाए तो क्या ही करना है? तो यह बात बिल्कुल सच है की "WHO 100mg/l से कम TDS के पानी को पीने की सलाह बिल्कुल नहीं देता है।" और अगर आप इस परेशानी को सुझाना चाहते हैं।

RO के पानी का TDS कितना होना चाहिए?

 तो आप अपने RO फिल्टर का TDS एडजस्ट भी करवा सकते हैं जोकि 500 से कम, और 100 से ज्यादा होना चाहिए। साथ ही साथ, कई लोग अपने RO फिल्टर में remineralize वाला सिस्टम लगवा लेते हैं। जिससे जो मिनरल्स है, जरूरी मिनरल्स है, वह ऊपर से ऐड किए जाते हैं। लेकिन इस बात का कोई सबूत मौजूद नहीं है की इससे हमारी अंधेर जो मिनरल की कमी है, उसकी पूर्ति होगी या नहीं।

पानी को साफ करने का बेहतरीन तरीका क्या है?

आपको पता है कि पानी को साफ करने का बेहतरीन तरीका क्या है? उसको उबालकर पीना। क्योंकि जब आप पानी को उबाल ते हैं, तो उसमें मौजूद कीटाणु और गंदगी अपने आप ही साफ हो जाती हैं। RO का पानी पीने में तो अच्छा लगता है, लेकिन इसे पीने के बाद हमारा शरीर, बिल्कुल भी अच्छा महसूस नहीं करता।

इन सभी बातों का हजारों साल पहले किस किताब में उल्लेख किया है?

आपको पता है कि जब मैं WHO की यह रिपोर्ट पढ़ रही थी उसने उन्होंने "ऋग्वेद" का जिक्र किया हुआ था। मतलब, मॉडर्न साइंस भी यह जो हजारों साल पुरानी किताब, हमारी ऋग्वेद है, जिसमें इन सब चीजों के बारे में लिखा हुआ है उसको भी वह लोग एक स्टैंडर्ड की तरह लेकर चलते हैं। तो ऋग्वेद में यह लिखा गया है, के पानी साफ होने के साथ-साथ, उसमें प्राकृतिक पोषक तत्व है, मिनरल्स है वह मौजूद होनी चाहिए, सॉल्टस मौजूद होनी चाहिए और अगर आप दिखे तो पुराने समय में हम पानी को कैसे साफ करते थे, लोग पानी को उबालकर पीते थे, या तो तांबे के बर्तन में पीते थे या घड़े में पीते थे और कुछ ना कुछ विज्ञान जरूर होगी इनके पीछे भी।

तो अगर आप चाहते हैं कि मैं इस प्रश्न का भी जवाब ढूंढो के पानी को कैसे पीना चाहिए, उसको साफ कैसे करना चाहिए क्या बेस्ट तरीका है पानी पीने का, उसको साफ करने का मुझे कमेंट करके जरूर करेंगा, धन्यवाद...
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Wednesday, July 29, 2020

सर्दी के मौसम में पसीना आना। हमारे शरीर पर पसीना क्यो आता हैं?

July 29, 2020 0
Why do you sweat?

हम चाहे काम करें या ना करे। या बुखार में तड़पे मसालेदार खाना खाए। या स्टेज में पहली बार गाना गाए। एक चीज तो निकल ही आती है अरे भैया, पसीना! कभी-कबार तो हमे सर्दी के मौसम में पसीना आता है। तो जानते हैं क्या है इसकी वजह..

लेकिन क्यों पसीना आता है?

हम सब को पसीना आता है। तो जाहिर सी बात है इसके पीछे भी कोई कारण होगा। क्योंकि हमें पता है हमारा शरीर ऐसे ही कुछ नहीं करता। और हर चीज के पीछे का अपना एक कारण जरूर होता है। हमें बहुत सारी अलग-अलग परिस्थितियों में पसीना आ सकता है। लेकिन एक समय जब हमारा शरीर सबसे ज्यादा पसीना छोड़ता है वह है एक्सरसाइज का समय! लेकिन क्या होता है एक्सरसाइज करते समय जो हमें इतना पसीना आता है?

क्या होता है एक्सरसाइज करते समय?

तो होता क्या है कि जब भी हम एक्सरसाइज करते हैं। और जैसे-जैसे हम अपनी तेजी बढ़ाते हैं हमारी मसल्स को ज्यादा काम करना पड़ता है। जिसकी वजह से उन्हें ज्यादा एजेंसी की जरूरत पड़ती है एनर्जी को पूरा करने के लिए हमारे शरीर में कुछ केमिकल रिएक्शंस तेजी से होने लगती है जिसके कारण हमारे शरीर के अंदर काफी सारे हिट या गर्मी पैदा हो जाती है। ज्यादा गर्मी हमारे शरीर के लिए अच्छी नहीं है इसीलिए इस गर्मी को कम करने के लिए, हमारे बॉडी को ठंडा करने के लिए हमारा यह शरीर पसीना छोड़ता है। तो इसका मतलब हमारा बॉडी खुद को ठंडा करने के लिए पसीना छोड़ती है।

 लेकिन कैसे शरीर को ठंडा करता है?

 हमारी त्वचा के नीचे पसीना छोड़ने वाले स्वेट ग्लैंड (Sweat Glands) हमेशा मौजूद होते हैं। और जब भी हमारे शरीर में गर्मी बढ़ती है तो हमारे दिमाग में मौजूद Hypothalamus जो हमारे पूरे शरीर की टेंपरेचर को रेगुलेट करता है। स्वेट गलैंड्स को आदेश देता है कि बच्चों… हाइपोथैलेमस के सिग्नल के बाद यह स्वेट गलैंड्स (Sweat Glands) हमारी त्वचा में पसीने की बूंदे छोड़ते है। इन बूंदों के सूखते सूखते वाष्पीकरण के मदद से हमारा शरीर ठंडा होने लगता है। हमारे शरीर में करीब 30 लाख से भी ज्यादा स्वेट गलैंड्स मौजूद होते हैं। और यह हमारे पूरे शरीर में फैले हुए हैं। इन स्वेट ग्लैंड की मात्रा हमारे हथेलियों, पैरों के नीचे और सर पे सबसे ज्यादा होती है। और इसीलिए हमें इन जगहों पर सबसे ज्यादा पसीना आता है। 

हमें कब-कब पसीना ज्यादा आता है?

हमें पसीना बस एक्सरसाइज करते हुए ही नहीं बल्कि मिर्ची वाला खाना खा के या कोई इंटरव्यू देके जिसमें हम बहुत नर्वस हो तभी आता है। क्योंकि देखा गया है कि इन परिस्थितियों में भी हमारे बॉडी का टेंपरेचर बढ़ता है। और अगर गर्मी बढ़ेगी तो ठंडा तो करना ही पड़ेगा। हमारे लिए यह पसीना कितना जरूरी है यह हमें तब समझ आएगा जब हमें किसी दिन यह पसीना आना बंद हो जाए और ऐसा होता भी है, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं।

 जिनकी स्वेट गलैंड्स सही से काम नहीं करते हैं और उन्हें सही मात्रा में पसीना नहीं आता। इस कंडीशन को Anhidrosis कहते हैं। और ऐसे लोग ज्यादा एक्सरसाइज करना या ज्यादा गर्मी में रहना सहन नहीं कर सकते हैं। क्योंकि उनकी बॉडी खुद को ठंडा नहीं कर पाती ज्यादा गर्म होने की वजह से उन्हें हीट स्ट्रोक आ सकता है। जिसके कारण उनकी जान जाने तक का भी खतरा रहता है।

तो अब आपको समझ आ ही गया होगा कि पसीना आना हमारे लिए कितना जरूरी है वैसे आप देख ही रहे होंगे कि हमारे शरीर के पास हर बात का सलूशन है।
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Thursday, June 11, 2020

उपवास में किन किन खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाना उचित है? । The fast

June 11, 2020 0
उपवास एक ऐसा समय होता है जब आपको अपने आप को पोषण की जांच में भी रखने की आवश्यकता होती है।  सुनिश्चित करें कि आप अपने दैनिक पोषक तत्वों को विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर रहे हैं

उपवास किस आधार पर है?

उपवास, विशेष रूप से धार्मिक उद्देश्यों के लिए, सदियों से एक सामान्य घटना रही है। और आम तौर पर, पूरे मानव इतिहास में, व्रत तोड़ने के तरीके के बारे में ज्यादा चिंता नहीं की गई।

हालांकि, खराब आहार सलाह के युग में, जब हमें पूरे दिन खाने के लिए कहा जाता है -  उच्च भोजन का उल्लंघन होता है - यह खाने को फिर से शुरू करने के लिए थोड़ी अधिक योजना बना सकता है जो सबसे अधिक शारीरिक आराम और आराम को प्राप्त करता है आपके दीर्घकालिक स्वास्थ्य और वजन घटाने के लक्ष्यों के लिए सबसे प्रभावी परिणाम।

उपवास करने वाले सभी लोग अपनी आध्यात्मिकता के साथ प्रार्थना, ध्यान और फिर बहुत उत्साह और श्रद्धालु मंदिरों में प्रार्थना करने और दिव्य आशीर्वाद लेने के लिये जाते हैं।

खानपान

उपवास नियमों से लोग कई तरह के फल और सब्जियां खा सकते हैं। अनाज से परहेज किया जाता है।  किसी भी लहसुन या प्याज के बिना कड़ाई से शाकाहारी भोजन तैयार किया जाता है और लोग मादक पेय से साफ होते हैं।  हालांकि, उपवास का मतलब यह नहीं है कि आपको हर दिन एक ही भोजन खाना होगा।  हर दिन कुट्टू-की-पूड़ी, आलू सब्जी और साबूदाना खिचड़ी से चिपके रहने की जरूरत नहीं है।  यहां उन सभी खाद्य पदार्थों की याद दिलाई जाती है, जिन्हें आप उपवास के दौरान भी खा सकते हैं।

१. दूध और दुग्ध उत्पाद

दूध और दूध से बने कई पदाथों का प्रयोग कर सकते हैं।  स्ट्रॉबेरी, खरबूजे और केले जैसे फलों से बने मिल्कशेक आपको हाइड्रेट रखते हुए भर सकते हैं।  शाम के नाश्ते के लिए दही को बेस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।  कुछ चम्मच गढ़ा दही का प्रयोग करें और उसमें कटे हुए फल जैसे सेब, नाशपाती और अंगूर डालें।  इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और आपकी कटोरी भर कर खा सकते है।

२. नारियल और नारियल का दूध तैयार करना

नारियल के फ्लेक्स, नारियल का आटा और नारियल का दूध आपके उपवास की दिनचर्या के माध्यम से अच्छे साथी हो सकते हैं।  एक बहुमुखी फल होने के नाते, नारियल का उपयोग विभिन्न व्यंजनों, विशेष रूप से डेसर्ट बनाने में किया जा सकता है।  नारियल के आटे का उपयोग करके नारियल की खीर या क्रेप्स और पेनकेक्स बनाएं।  अपने पकवान को स्वादिष्ट करने के लिए शहद और ताजे फलों साथ में लेलीजिये

३. कच्चा केला

भोजन के लिए कच्चे केले के साथ एक सब्ज़ी बनाएं।  फ्राई और कच्चे केले के कटलेट भी ट्राई करने का एक अच्छा विकल्प है।  कटलेट बनाने के लिए अरबी, शकरकंदी, कद्दू और कटहल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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Wednesday, June 10, 2020

क्या योग एक धर्म है? | योग का अभ्यास करते समय कैसे वस्त्र पहने चाहिए

June 10, 2020 0
 दोस्तों अब तक हमने योग और योगा के बारे में बहुत कुछ जान लिया है अब आगे दो विषय बाकी है उनकी भी आपको जानकारी नीचे दी गई है यदि आपने इसके पहले की पूरी सीरीज की पोस्ट नहीं पड़ी तो हर एक पोस्ट के अंदर एक दूसरे से जुड़ी लिंक है आप जरूर उस लिंक पर क्लिक करके उस पोस्ट को पढ़िए ताकि योग और योगा के बारे में आप अच्छी तरह से जान सके

योग का अभ्यास करते समय कैसे वस्त्र पहने चाहिए

क्या योग एक धर्म है? | योग का अभ्यास करते समय कैसे वस्त्र पहने चाहिए

 इसके विपरीत जो कोई उम्मीद कर सकता है, ढीले पतलून योग अभ्यास के लिए उपयुक्त नहीं हैं क्योंकि वे शरीर की रेखाओं को कवर करेंगे और शरीर को कई योगा पोज पूरा करने से रोकेंगे।
 वास्तव में, कार्बनिक पदार्थों से बने आरामदायक लेगिंग और चड्डी योग अभ्यास के लिए अधिक उपयुक्त हैं। यह संयोजन न केवल आंदोलन के लिए एक स्थान बना सकता है, बल्कि मानव शरीर रचना की दिशा के साथ भी संघर्ष नहीं करता है।  यह सबसे अच्छा है अगर आप आगे झुक सकते हैं और देख सकते हैं कि जब आप अपने बड़े कपड़े के नीचे देखने के लिए बिना झुकते हैं तो आपके घुटने आगे हैं: अरे, आपके घुटने कहाँ चले गए?  !

योग का सम्बंध और योग की सौरचना

 योग का संबंध खेलों से है।  रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने, तनाव को खत्म करने और ब्लॉक को तोड़ने के लिए, हमें शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से व्यायाम करना चाहिए।  केवल इस तरह से हम यथास्थिति को बदल सकते हैं।

 योग कक्षाओं की संरचना के लिए कोई निर्धारित नियम नहीं हैं, लेकिन कुछ सिद्धांत अधिकांश अभ्यास विधियों पर लागू होते हैं।  परंपरागत रूप से, एक योग अभ्यास के मूल घटक हैं:

 ध्यान: सांस का ध्यान या सरल ध्यान।

 सांस का समायोजन (साँस लेने का व्यायाम): एक व्यायाम जो ऊर्जा प्रवाह को प्रभावित और नियंत्रित कर सकता है।

 आसन (शरीर आसन अभ्यास): रीढ़, व्यायाम की मांसपेशियों और संयोजी ऊतकों को स्थानांतरित करें, और चयापचय को बढ़ावा दें, जिसमें फ्लेक्सन, बैकवर्ड बेंडिंग, ट्विस्टिंग और हैंडस्टैंड शामिल हैं।

 श्लोक (ओम): आमतौर पर अभ्यास की शुरुआत और अंत में श्लोक "ओम" का पाठ या पाठ करते हैं।

 डेड बॉडी (पूर्ण विश्राम): व्यायाम के अंत में पूर्ण विश्राम की अवधि होगी, जो 10 मिनट तक लंबी हो सकती है।  इस तरह, व्यायाम द्वारा उत्पन्न तनाव को शरीर और आत्मा द्वारा पूरी तरह से अवशोषित किया जा सकता है।

 क्या योग एक धर्म है?

योग एक धर्म नहीं है, बल्कि जीवन का एक व्यावहारिक दर्शन है।  योग आपको व्यक्तिगत विकास के लिए जगह प्रदान करेगा, न कि विश्वास की हठधर्मिता।  हमने शुरुआत में ही कहा था कि योग का अर्थ ही एक सवारी की सवारी है।  इस छवि को बनाए रखने के लिए, मैं इस लेख को समाप्त करना चाहूंगा: योग शरीर और आत्मा को जोड़ने वाला एक प्रकार का दोहन है, जिसका अर्थ है कि योग में उपकरण और तकनीक हैं जो आपको बदलने में मदद करते हैं।




.......धन्यवाद दोस्तों
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Tuesday, June 9, 2020

घुटने के दर्द के लिए उपयोगी सलाह | Advice for knee pain

June 09, 2020 0
  लगभग 30-37 की आयु में प्रवेश करने के बाद, कई लोग अक्सर अपनी फिटनेस में सुधार करने के लिए पहाड़ों पर जाते हैं, या सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए लिफ्ट लेने के बजाय, उन्हें (Pain in knees) घुटने में दर्द होगा।  इस समय, मुझे आश्चर्य है, व्यायाम कैसे करें और अभी भी परेशानी है?

घुटने के दर्द के लिए उपयोगी सलाह | Advice for knee pain.

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 चाहे वह चल रहा हो, बैठना हो या घुटने टेकना, जीवनशैली की कई आदतें अनजाने में घुटने के जोड़ को प्रभावित करेंगी।  और घुटने की समस्या (Problem?) धीरे-धीरे कम हो रही है।

 पारंपरिक अवधारणा में, पहाड़ पर चढ़ना एक अच्छा (aerobic exercise) एरोबिक व्यायाम है, जो सभी को जांघों और नितंबों के मांसपेशी समूहों को व्यायाम करने में मदद कर सकता है, और साथ ही, कार्डियोपल्मोनरी फ़ंक्शन भी कर सकता है।

 लेकिन तथ्य यह है कि कई आर्थोपेडिक (Orthopedic) विशेषज्ञों ने याद दिलाया: माउंटेन क्लाइंबिंग (Valimbinger) "सबसे बेवकूफाना व्यायाम है।"

यह पढ़े- Important advice for losing weight । वजन कम करने के लिए जरूरी सलाह

 चढ़ाई एक वजन सहने वाला व्यायाम है। कमर से नीचे के जोड़ों को आपके शरीर का वजन उठाना पड़ता है, विशेषकर घुटने का।  जब शरीर ऊपर चढ़ता है, तो घुटने का वजन सामान्य से लगभग 4 गुना बढ़ जाएगा।

 घुटने का ठीकठाक जीवन केवल 60 साल है, व्यायाम की आदतों को बदलें और 40 साल का विस्तार करें

 वास्तव में, जोड़ों का जीवन सीमित है।  एक बार जब जोड़ों में "थकावट" होती है, तो यह विभिन्न संयुक्त रोगों का कारण होगा!  जोड़ों का जीवनकाल मुख्य रूप से जीन द्वारा निर्धारित किया जाता है, और सामान्य स्वस्थ जीवन काल 60 वर्ष है।

 एक ओर, हर किसी को जांघों और नितंबों की मांसपेशियों को व्यायाम करने की आवश्यकता होती है।  लेकिन दूसरी ओर, हर कोई घुटने को चोट नहीं पहुँचा सकता है।  अत्यधिक उपयोग इसके पहनने और आंसू को बढ़ाएगा और इसकी मरम्मत (Repairs) नहीं की जा सकती है।

 लेकिन विशेषज्ञों ने बताया कि इस समस्या को हल करना मुश्किल नहीं है, बस हर किसी की व्यायाम की आदतों को बदल दें।

 40 साल तक घुटने का विस्तार


 कठोर फर्श पर जोरदार व्यायाम न करें, जैसे स्क्वाटिंग, लीपफ्रॉग, रनिंग, स्किपिंग रोप और डांसिंग, घुटने की हड्डी पर पहनने को बढ़ाएंगे।
Do not do vigorous exercise on hard floors, such as self-correcting, leapcrog, running. Skirping rope and daring will increase wear on the knee bone.

 विशेष रूप से स्क्वेट नीचे और फिर खड़े हो जाएं, जोड़ों पर सबसे बड़ा पहनावा।  आर्टिक्युलर कार्टिलेज लगभग 1 से 2 मिलीमीटर है, और इसकी भूमिका दबाव को कम करने और हड्डी को टूटने से बचाने में है।

 यह ट्रैक पर रबड़ के बराबर है, जो हर किसी को ऊपर और नीचे जाने पर एक बल बफर करने में मदद कर सकता है, और फिर अपने जोड़ों की रक्षा कर सकता है।

 हार्ड फ्लोर पर जाएं और सुपर मजबूत प्रतिक्रिया बल के तहत वापस उछलें, जिससे जोड़ों और हड्डियों को काफी नुकसान होगा।  इसलिए, रबड़ के खेल स्थानों में अधिक खेल करने की सिफारिश की जाती है।

 सही उम्र में यह व्यायाम और खेल आवश्यक है

Life At Exp

 घुटने के जोड़ों के लिए सबसे उपयुक्त व्यायाम: तैराकी, साइकिल चलाना और जिमनास्टिक। सामान्य लोगों के लिए, जोड़ों के लिए सबसे फायदेमंद व्यायाम तैराकी है।

 पानी में, मानव शरीर जमीन के समानांतर होता है, और जोड़ों को मूल रूप से वजन-असर नहीं होता है।  मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों वाले लोग अधिक तैरते हैं और पूरे शरीर के लिए अच्छे होते हैं।  व्यायाम करने के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, आप तैराकी, जिमनास्टिक और अन्य हल्के वजन वाले खेल चुन सकते हैं।

यह पढ़े- What is yoga? Yuga benefit। how to yoga important life? योग क्या है?

 ऐ मेई आपके लिए एक "घुटने की देखभाल" क्रिया पेश करना चाहता है जो शून्य लागत, उपयोग में आसान, कम साझाकरण और सभी उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है।

 आप अपने घुटने के साथ असहज हैं या नहीं, यह अभ्यास आपको सूट करेगा, क्योंकि यह व्यायाम: बाहर जाने की जरूरत नहीं, कोई उपकरण नहीं, घुटने को कोई नुकसान नहीं, और आप घुटने का व्यायाम कर सकते हैं!

  व्यायाम करने के तरीका (Ways to exercise)


 1. एक बाक़ी के साथ एक कुर्सी का पता लगाएं, अपने कूल्हों को वापस बैठें और कुर्सी के पीछे की ओर झुकें।  अपने हाथों को कुर्सी और पीछे के तकिये के पीछे रखें।

 2. एक स्नान तौलिया जांघ के नीचे रखा जाता है, और कई स्नान तौलिए और तौलिए भी एक साथ बंधे जा सकते हैं, जब तक कि वे पर्याप्त रूप से मोटी और कसकर बंधे न हों, इसका उद्देश्य घुटने को ऊपर उठाना है।

 3. सीधे बैठें, अपनी पीठ को सीधा रखें, और अपने पैरों को नीचे रखें, और स्वाभाविक रूप से मिलाते हुए।  बहुत अधिक स्विंग करने की आवश्यकता नहीं है, बस इसे आसानी से हिलाएं!

 यह चाल सरल लगती है, लेकिन यह घुटने को मजबूत करने में बहुत सहायक है।

 पुराने घुटने की चोट या पैर दर्द वाले लोग दर्दनाक पैर को स्थानांतरित करने के लिए एक स्वस्थ पैर का उपयोग कर सकते हैं। स्वस्थ पैर दर्दनाक पैर का समर्थन करता है और एक ही समय में आगे और पीछे हिलाता है। यह पुनर्वास के बराबर है, जो धीरे-धीरे घुटने को स्वास्थ्य को बहाल कर सकता है।

 अपने घुटनों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए हर दिन अभ्यास करें, आपको हवा के जोकेके साथ चलने दें, हवा के साथ चलें, और हवा के साथ सीढ़ियों से ऊपर जाएं!
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Sunday, June 7, 2020

मासिक (Menstrual) धर्म संबंधी विकार

June 07, 2020 0

मासिक धर्म संबंधी विकार । मासिक धर्म ।4 परिणाम, क्या पुरुष भी पीड़ित हो सकते है?


मासिक धर्म संबंधी विकार
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क्या महावारी(मासिक धर्म) की अवधि के दौरान एक पति और पत्नी "एक ही कमरा" कर सकते हैं  4 परिणाम, पुरुष भी पीड़ित हो सकते है

 कई महिलाओं को आमतौर पर नियमित और उचित यौन जीवन मिलता है, ताकि वे शरीर को विनियमित कर सकें और स्थिर अंतःस्रावी स्तरों को बनाए रख सकें।  हालांकि , महिलाओं को हर महीने मासिक धर्म के समय से गुजरना पड़ता है जब वे स्वस्थ रहती हैं, और मासिक धर्म के बाद महिलाओं की योनि में मासिक धर्म या रक्तस्राव का सामना करना पड़ेगा।

 ऐसी कई चीजें हैं जो महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान ध्यान देने की आवश्यकता है,

अन्यथा यह मासिक धर्म के प्रतिकूल प्रभाव को बढ़ाएगा।  कुछ महिलाएं काम के इस हिस्से पर ध्यान नहीं देती हैं, और अभी भी मासिक धर्म के दौरान सेक्स करती हैं। क्या यह व्यवहार वांछनीय है?

How to keep Healthy and Sane whereas Self-Isolating

 महिलाओं के लिए मासिक धर्म के दौरान सेक्स से बचना बहुत जरूरी है।  कई महिलाएं सेक्स करने में मदद नहीं कर सकती हैं, लेकिन अगर यह व्यवहार होता है, तो यह नकारात्मक प्रभाव लाने की संभावना है, जैसे कि बीमारियों से पीड़ित महिलाओं की बढ़ती संभावना, और मासिक धर्म के रक्त के दूषित होने से प्रतिकूल लक्षण होने की संभावना है।  इसलिए, महिलाओं को पता होना चाहिए कि सेक्स के दौरान कैसे संयमी रहें और इस महत्वपूर्ण अवधि से बचें, ताकि उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक न हो।

 मासिक धर्म के दौरान सेक्स करने के क्या प्रभाव हैं?

 1. मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की तकलीफ बढ़ जाती है


 यदि महिलाओं को हमेशा मासिक धर्म के दौरान यौन संबंध होते हैं, तो परिणाम स्पष्ट होते हैं, जो मासिक धर्म के दौरान शारीरिक परेशानी को बढ़ा सकते हैं।
excitement | यौन उत्‍तेजना।टैबलेट्स का असर सही या गलत?
 क्योंकि मासिक धर्म की अवधि के दौरान, महिलाओं को खुद पर शारीरिक बोझ बढ़ने की अधिक संभावना होती है। यदि वे अभी भी चक्कर और थके हुए हैं, तो उन्हें कष्टार्तव है। इस समय, वे अंधा सेक्स करेंगे और अधिक काम करने से इन मासिक धर्म के प्रतिकूल लक्षणों में वृद्धि होगी।  इसलिए, इस तरह के व्यवहार से बचने के लिए आवश्यक है, मासिक धर्म के दौरान उचित आराम करें, और सेक्स न करें।

 2. स्त्रीरोग संबंधी रोगों का संकेत


 अगर महिलाएं मासिक धर्म के दौरान आंखें बंद करके सेक्स करती हैं, तो इससे स्त्री रोग हो सकता है।  क्योंकि मासिक धर्म के दौरान मासिक धर्म से रक्त बहना चाहिए, और जीवाणु संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।
मासिक धर्म संबंधी विकार

 यदि आप अभी भी आँख बंद करके सेक्स करते हैं, तो योनि म्यूकोसा को यांत्रिक क्षति, और मासिक धर्म दूषित बैक्टीरिया का आक्रमण, यह स्त्रीरोग संबंधी रोगों के एक व्यापक प्रसार को जन्म दे सकता है।  इसलिए, महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान इस समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि स्त्री रोगों को रोकने के लिए इस बुरे व्यवहार से बचा जा सके।

 3. पुरुषों को यूरेथराइटिस होने की आशंका रहती है


 मासिक धर्म के दौरान यौन जीवन में मूत्रमार्गशोथ की संभावना अधिक होती है।  यौन जीवन के दौरान, योनि स्राव भी पुरुष प्रजनन अंगों के संपर्क में आ जाएगा, और बैक्टीरिया की कमी का लाभ उठाएगा। पुरुष प्रजनन प्रणाली या मूत्रमार्ग संक्रमित होने की अत्यधिक संभावना है, जिससे मूत्रमार्ग में दर्द होने की संभावना है।

 पुरुषों के स्वास्थ्य की खातिर, इस खतरनाक अवधि से बचा जाना चाहिए, और बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने और क्षति को कम करने के लिए महिला शारीरिक अवधि के दौरान यौन जीवन नहीं चलना चाहिए।

 4. मासिक धर्म संबंधी विकार


 मासिक धर्म के दौरान महिलाएं सेक्स करती हैं, जिसके कारण मासिक धर्म में बदलाव हो सकता है।  महिलाओं का मासिक धर्म नियमित रहता है, शरीर में हार्मोन का स्तर सामान्य रहता है, और अंडाशय और गर्भाशय स्वस्थ अवस्था में बने रहते हैं।
What is yoga? Yuga benefit। how to yoga important life? योग क्या है?
 हालांकि, शारीरिक अवधि के दौरान, महिला शरीर अधिक संवेदनशील है। अंधा सेक्स जीवन अंतःस्रावी स्तरों में उतार-चढ़ाव हो सकता है, और अनियमित मासिक धर्म हो सकता है। इस स्थिति को रोकने के लिए, यौन जीवन से बचा जाना चाहिए।
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Saturday, June 6, 2020

Water | पानी | पानी के अमूर्त कार्य

June 06, 2020 0
पीने का पानी उन आसान लगने वाली चीजों में से एक है जो वास्तव में काफी जटिल हो सकते हैं।
Water | पानी | पानी के अमूर्त कार्य
Drink water

 यह कहा जाना चाहिए कि अधिक पानी के लिए डॉक्टरों का  कहना उचित है: हम में से एक बड़ा हिस्सा पर्याप्त नहीं पीता है।  हमारे शरीर के प्रत्येक कार्य को तरल पदार्थ की आवश्यकता होती है, और मांसपेशियों, रक्त और यहां तक ​​कि स्थानांतरित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले दिमाग में 70 प्रतिशत से अधिक पानी होता है।  द्रव चक्र हमारे शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करता है, पोषक तत्वों और ऑक्सीजन को स्थानांतरित करता है,और अपशिष्ट उत्पादों को निकालता है।  मध्यम निर्जलीकरण से थकान और कब्ज हो सकता है।  पर्याप्त पानी का सेवन गुर्दे की पथरी और पेट के कैंसर जैसी बीमारियों और अन्य परेशानियों को दूर करने में मदद कर सकता है।

 हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हमें लगातार पानी निचोड़ना चाहिए।  पानी के अमूर्त कार्यान्वयन के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश निम्नलिखित हैं:

excitement | यौन उत्‍तेजना।टैबलेट्स का असर सही या गलत?

 सामान्य दैनिक पानी की आवश्यकता


 सबसे पहले, रोजाना 8 बड़े गिलास पानी पीने की आवश्यकता एक मिथक है।  आपको वास्तव में पसीने, मूत्र, श्वास और अन्य शारीरिक स्राव के रूप में हर दिन खो जाने वाले तरल पदार्थ की आवश्यकता होती है।  इससे लगभग 2-2.5 लीटर पानी बनता है।  चूंकि हमें लगभग एक लीटर फल, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ मिलते हैं, इसलिए पेय के रूप में 1-1.5 लीटर बचा है।  चाय, कॉफी, रस और यहां तक ​​कि शीतल पेय भी इस समीकरण में शामिल हैं।

 आप कैसे जानते हैं कि आपने काफी पिया है

Water | पानी | पानी के अमूर्त कार्य

 आमतौर पर एक व्यक्ति दिन में 4-8 बार पेशाब करता है, लेकिन यह प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक रचना के अनुसार बदलता रहता है।  पीने की आवश्यकता मूत्र के रंग और गंध से बेहतर संकेत देती है।  यदि आप एक सामान्य आहार का पालन करते हैं, तो आपका मूत्र हल्का पीला और मजबूत तीखी गंध से मुक्त होना चाहिए।  यदि यह गहरे पीले रंग का है या अमोनिया की तरह महक रहा है, तो आपको संभवतः अधिक पानी पीने की आवश्यकता होगी।  आहार के कारण मूत्र एक अलग रंग हो सकता है, इसलिए आपको कभी-कभी रंग परिवर्तन के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए।  जब तक आप टॉयलेट में जाते हैं, तब तक रंग सामान्य रूप से वापस आ जाएगा।

What is yoga? Yuga benefit। how to yoga important life? योग क्या है?

 वजन प्रबंधन उपकरण


 जब आप अपना वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो पानी आपके चयापचय को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।  अपने लक्ष्य के साथ मदद करने के लिए, हर सुबह अपनी कलाई पर पांच बाल छोरों को थ्रेड करें।  इतनी आधी लीटर पानी की बोतलें आपको अपने चयापचय को ताज़ा करने और अधिक कैलोरी जलाने के लिए पीना होगा।  शोधकर्ताओं का अनुमान है कि एक साल तक प्रति दिन पानी की मात्रा 1.5 लीटर बढ़ाने से, एक व्यक्ति 17,400 कैलोरी जलाएगा, जो 2.25 पाउंड वजन घटाने के बराबर है।  और चूंकि आपके चयापचय में बहुत अधिक बढ़ावा आपके शरीर को तरल पदार्थ को गर्म करने की कोशिश के कारण है, तो सुनिश्चित करें कि आप जो पानी पीते हैं वह वास्तव में ठंडा है।

 व्यायाम के दौरान


 स्वाभाविक रूप से, आपको गर्म हवा में अधिक पानी की आवश्यकता होगी जब आप व्यायाम कर रहे हों या अन्यथा सामान्य से अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय हों।  अगर आपको प्यास लगती है, तो अधिक पिएं।  व्यायाम से दो घंटे पहले 5-7.5 dl पानी पिएं।  यह सुनिश्चित करेगा कि आप अपने वर्कआउट के दौरान निर्जलीकरण का अनुभव न करें।  अपनी उंगलियों पर पानी की एक बोतल रखें, जिसमें से आप प्रत्येक तिमाही के बारे में एक बार में कुछ डेसीलीटर घूंट लेंगे।  प्रशिक्षण के बाद आधा लीटर पीना भी अच्छा है।

 बहुत अधिक पानी?


 क्या पानी सहित बहुत अच्छे का आनंद लेना संभव हो सकता है?  अरे हाँ।  मैराथनरों में "जल विषाक्तता" के रूप में जाना जाने वाला एक घटना आम है, लेकिन यह उन लोगों में भी विकसित हो सकता है जो खुद को अत्यधिक पानी से भरते हैं।  शारीरिक तनाव, गुर्दे को खाली करने के लिए मूत्राशय में भेजने की क्षमता को कम करता है।  यदि ऐसा होता है, तो आपके शरीर और मस्तिष्क में द्रव का स्तर इतना बढ़ सकता है कि यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को निगल ले।  इससे सिर दर्द, मतली, उल्टी, भ्रम और यहां तक ​​कि कुछ मामलों में मौत भी हो जाती है।  इससे बचने के लिए, अपनी प्यास को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त पीएं, एक लीटर नहीं।  यदि आपको अपने वर्कआउट के दौरान बहुत सारे तरल पदार्थ पीने की ज़रूरत है, तो ऐसे स्पोर्ट्स ड्रिंक का उपयोग करें जिनमें विटामिन और इलेक्ट्रोलाइट्स भी हों
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Friday, June 5, 2020

यौन उत्‍तेजना।टैबलेट्स का असर सही या गलत? (excitement)

June 05, 2020 0

यौन उत्‍तेजना (Sexual "excitement") बढ़ाने के लिये यूज की जाने वाली टैबलेट्स क्या स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालती हैं?या नही?

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विशेष रूप से रिसपेरीडोन, पिट्यूटरी (Pituitary)  ग्रंथि द्वारा स्रावित प्रोलैक्टिन के स्तर को बढ़ाती हैं, जो टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) के स्तर को कम कर सकती हैं और कुछ व्यक्तियों की यौन इच्छा को कम कर सकती हैं। दवा-प्रेरित यौन रोग

 कई दवाएं या तो यौन इच्छा और यौन उत्तेजना या ट्रिगर को रोक सकती हैं या बिगाड़ सकती हैं।

 यह अनुमान लगाया गया है कि नपुंसकता (Impotence) या स्तंभन दोष वाले दस में से कम से कम एक व्यक्ति दवा के उपयोग के कारण होता है।
Sexual excitement | यौन उत्‍तेजना।टैबलेट्स का असर सही या गलत?
नशीली दवाओं से संबंधित यौन रोग की व्यापकता का आकलन करना मुश्किल है क्योंकि नशीली दवाओं के उपयोग की अंतर्निहित बीमारी दवाओं की तुलना में यौन रोग का एक महत्वपूर्ण (Important) कारण हो सकती है।  उदाहरण के लिए, उच्च रक्तचाप (high blood pressure) और अवसाद अक्सर कई प्रकार के यौन रोगों से जुड़े होते हैं।  इस मामले में, उच्च रक्तचाप या अवसाद के लिए एक दवा भी यौन रोग को ठीक कर सकती है।  दूसरों में, यौन रोग बीमारी का इलाज करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवा का एक साइड इफेक्ट है।  इस मामले में, उच्च रक्तचाप या अवसाद के लिए किसी अन्य दवा (Medicine) पर स्विच करने की सलाह दी जाती है, जो अंतर्निहित रोग को ठीक करने में मदद करेगी जैसे कि यौन रोग के बिना प्रभावी ढंग से।

 शारीरिक बीमारियों (Diseases) का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में से, विशेष रूप से उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ दवाएं यौन रोगों का कारण बन सकती हैं, खासकर उच्च खुराक पर।  सबसे समस्याग्रस्त बीटा-ब्लॉकर्स हैं और डिहाइड्रेटिंग ड्रग्स थियाजाइड डाइयुरेटिक्स और स्पिरोनोलैक्टोन (Spironolactone) हैं, जो बिगड़ा हुआ यौन इच्छा और निर्माण के साथ जुड़ा हुआ है।  पार्किंसंस रोग का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली डोपामिनर्जिक (Dopaminergic) दवाएं कभी-कभी यौन इच्छा को शर्मनाक तरीके से बढ़ा सकती हैं।

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 अधिकांश मनोरोग संबंधी दवाएं यौन रोग का कारण बन सकती हैं।  सभी एंटीसाइकोटिक्स केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में डोपामाइन के प्रभाव को अवरुद्ध करते हैं और इस प्रकार यौन इच्छा और खुशी दोनों को ख़राब कर सकते हैं।  पारंपरिक एंटीसाइकोटिक्स और दूसरी पीढ़ी की दवाएं, विशेष रूप से रिसपेरीडोन, पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित प्रोलैक्टिन के स्तर को बढ़ाती हैं, जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती हैं और कुछ व्यक्तियों की यौन इच्छा को कम कर सकती हैं।  विशेष रूप से उच्च खुराक पर, एंटीसाइकोटिक्स यौन उत्तेजना और ट्रिगर दोनों को जटिल कर सकते हैं।

सभी ट्राईसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स और विशेष रूप से क्लोमीप्रैमाइन, उत्तेजना और निर्माण और विशेष रूप से स्खलन और संभोग को रोक सकते हैं।  यौन रोग, और विशेष रूप से देरी या संभोग के निषेध में, चयनात्मक सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर, यानी, SSRI और SNRI के सामान्य दुष्प्रभाव भी हैं।  इसके विपरीत, मोकोब्लेमाइड का यौन कार्य पर थोड़ा प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

 ट्रैज़ोडोन और कभी-कभी कुछ अन्य मनोरोगों की दवा शायद ही कभी लंबे समय तक और दर्दनाक निर्माण, या प्रतापवाद का कारण बन सकती है, जो खतरनाक हो सकती है।  यदि एक घंटे के भीतर एक दर्दनाक निर्माण से राहत नहीं मिलती है, तो व्यक्ति को हमेशा आपातकालीन कक्ष में जाना चाहिए और इस तरह यहां तक ​​कि आधी रात को तुरंत अस्पताल के आउट पेशेंट क्लिनिक या मूत्र रोग विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए।  एड्रेनालाईन को लिंग में इंजेक्ट करके प्रिज़्म को ट्रिगर किया जा सकता है।

 शराब का उपयोग और धूम्रपान भी इरेक्शन को ख़राब कर सकता है या नपुंसकता का कारण बन सकता है।

स्तंभन दोष के लिए दवा

स्तंभन दोष के लिए दवा

 पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक आम समस्या है।  शोध के अनुसार, 40 वर्ष से अधिक आयु के तीन पुरुषों में से एक कम से कम मध्यम स्तंभन दोष से पीड़ित है।  उम्र के साथ, स्तंभन दोष अधिक आम हो जाता है, भाग में उन बीमारियों के कारण होता है जो उम्र और संबंधित दवाओं के साथ अधिक सामान्य हो जाते हैं।

 1998 में सिल्डेनाफिल के लॉन्च ने पुरुषों में स्तंभन दोष के उपचार में क्रांति ला दी।  सिल्डेनाफिल का स्तंभन-बढ़ाने वाला प्रभाव, शिश्न की चिकनी पेशी (फॉस्फोडाइसेरेस टाइप 5, पीडीई 5) में एक विशिष्ट एंजाइम को चुनिंदा रूप से बाधित करने की क्षमता पर आधारित है।  नतीजतन, लिंग की चिकनी मांसपेशियों को आराम मिलता है और लिंग में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है।  उसी समय, निर्माण तेज हो जाता है और इसकी अवधि बढ़ जाती है।  सिल्डेनाफिल अन्य दवाओं के साथ एक ही तंत्र क्रिया के साथ जुड़ा हुआ है, अर्थात् तडलाफिल, वॉर्डनफिल और अवानाफिल।

सिल्डेनाफिल की खुराक संभोग से 25 से 100 मिलीग्राम 1 से 2 घंटे पहले होती है और कम से कम 3 से 5 घंटे तक रहती है।  तडालाफिल की खुराक 10 से 20 मिलीग्राम है।  इसका इरेक्शन बढ़ाने वाला प्रभाव आधे घंटे में शुरू होता है और एक दिन से अधिक समय तक रहता है।  वॉर्डनफिल की खुराक 5 से 20 मिलीग्राम है और कार्रवाई की शुरुआत एक घंटे से कम है।  यौन क्रिया से 15 से 30 मिनट पहले एवनाफिल की खुराक 50 से 200 मिलीग्राम है।

 ये सभी PDE5 अवरोधक प्रभावी हैं, 70-90% पुरुषों में स्तंभन दोष के साथ उन्हें उपयोग करने के लाभों को महसूस करते हैं।  हालांकि, दवाओं की प्रभावशीलता के लिए यौन इच्छा या उत्तेजना की आवश्यकता होती है।  इस प्रकार, वे मदद नहीं करते हैं यदि स्तंभन दोष यौन इच्छा की कमी के कारण होता है।

 PDE5 अवरोधकों का उपयोग कोरोनरी हृदय रोग के उपचार में उपयोग किए जाने वाले नाइट्रोस के साथ संयोजन में नहीं किया जाना चाहिए।  वे नाइट्रो तैयारी के एंटीहाइपरटेंसिव प्रभाव को मजबूत करते हैं, जो हृदय रोग के रोगियों में जीवन के लिए खतरा हो सकता है।  पीडीई 5 इनहिबिटर लेने से पहले हृदय रोग वाले मरीजों को हमेशा अपने हृदय रोग विशेषज्ञ से बात करनी चाहिए।
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